प्रेम में बस आंसू बहाना है

प्यार - मुहब्बत - इश्क , ये कैसा फसाना है !

दर्दे-ग़म में जीने का , ये तो इक बहाना है !


दिल न लगाने वालों की, खुशियों से है दोस्ती ,

जिसने दिल लगाया , उसे तो बस आंसू बहाना है !


खुशियों के तमन्नाई, मोहब्बत नहीं किया करते ,

मोहब्बत वही करते,जिनका दर्द से रिश्ता पुराना है !


प्रेम के बदले प्रेम ही मिले , ऐसी कोई रीत नहीं 

कभी मिलती रूश्वाई, तोकभी दिल टूट जाना है !


💐🌹💐 दुष्यंत कुमार वर्मा 🌷🌹🌷

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