चंद्रयान-3 कविता

 🚀चंद्रयान-3 🇮🇳 दुष्यन्त कुमार वर्मा✍️

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हरिकोटा- सतीश धवन ,वैज्ञानिकों को सलाम है

एक से बढ़कर एक देश में,नए अब्दुल कलाम है

इतिहास रचा धूम मचा, सफल रहा अभियान है

अब  विश्व भी  हैरान  है  कि ,  ग्रेट  हिंदुस्तान है


अंतरिक्ष में भी गूंज रहा , भारत का यश गान है

चंदा  मामा  के  गाँव पहुंचे , अतिथि  चंद्रयान है

मुश्किल हालात हिम्मत से,देश का मान बढ़ाया 

भारत के उन वैज्ञानिकों को, बारंबार  प्रणाम है 


23 अगस्त, सन - 23 को , चंद्रयान  रखा पाव 

लैंडिंग रोवर दक्षिणी ध्रुवमे,चांदकी शीतल छांव 

चंद्रयान  को  देखकर , यह  मन  में आया भाव

प्रज्ञान के संग घूम आऊ, मैं चंदा मामा के  गांव 


यह चंद्रखिलौना श्याम के, यह चंदा मामा राम के

राधा नयन चंद्रलोचन सम,जनकसुता वनधाम के 

यह  वेदों  की  ज्ञान  है , यह  नालंदा  की शान है

विश्व की प्राचीनतम भूमि, यह विश्व गुरु महान है


नयी सोच नयी उड़ान से,चांद पर तिरंगा लहराया

सोमनाथ की पहचान ये जो नवकीर्तिमान बनाया

सारी दुनिया को  बतला दो, अभी तो शुरुआत है

 नए युग  का नवभारत ये , आगाज का  प्रभात है

🌕🇮🇳✍️दुष्यन्त कुमार वर्मा✍️🇮🇳🌕

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