विधाता की अद्भुत रचना मां

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       *_मां तो मां होती है_*
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✍*_रचनाकार_✍
 *_दुष्यंत कुमार वर्मा 'सजल'_*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ,
माँ खुशियों की फुलवारी है
दिव्यसंवेदना से परिपूर्ण ,
माँ ईश्वर अवतारी है

स्नेह की निर्झर बरसाती
वास्तविकता की परिणीति है।
अद्भुत है अनमोल है
मां सरलता की मूर्ति है।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

कितना भी हो जाऊं बड़ा
मां तेरे लिए अभी भी बच्चा हूं
 तेरा वचन मेरा अनुशासन
आज तेरे ही कारण सच्चा हूं
सत्य न्याय धर्म-कर्म
तेरा दिया यह जीवन
तेरे दिये ज्ञान से ही मां
अब मैं नयीसृष्टि रचता हूं
 संसार आज जो चला आ रहा
मां तेरे ही सेवादारी है
सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
मां खुशियों की फुलवारी है
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

तेरी कठोरता में भी माँ
ममता का एहसास है।
तेरी ही चरणों में जन्नत
तू ईश्वरीय सत्ता का आभास है
शक्ति स्वरूप सौभाग्य धारणी
तू ही जग की फरिश्ता
 बहुत खुशनसीब हूं मैं
कि यह फरिश्ता मेरे पास है
मानवता की तू कल्याणी
तू त्यागी उपकारी र्है
 सभीप्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
माँ खुशियों की फुलवारी है_
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

नीरसजीवन के सूने वन में
नवबहार तू है मां
प्रकृति का सबसे सुंदर
उपहार तू है मां
बड़े जतन से पाला
मुझे गिरने से संभाला
धरा में वसुंधरा की
अवतार तू है मां
 निस्वार्थ भावी न्यायधारणी
अद्भुत क्षमता धारी है 
सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
माँ खुशियों के फुलवारी है
🙏🙏🙏🙏🙏🙏💐

सोचाआज मां की दास्तान
जन्द शब्दों में बयान कर दू
 हूं ऋणी तेरे वात्सल्य की
जिंदगी तेरे नाम कर दूं_
जीवन की सच्चाई ,त्याग वअच्छाई
 तुम्ही से सीखा माँ
संसार की प्रथम गुरु को
हाथ जोड़कर प्रणाम कर लूं
बुलंदियों को छू रहा आजमै
यह तेरी ही मेहरबानी है
सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
खुशियों की फुलवारी है

🙏🙏💐💐💐💐💐
 रक्त कणों से अभिसिंचित कर
मुझे तूने बड़ा किया
_ऊर्जा प्राणों में संचार कर
मुझे पैरों पर खड़ा किया_   
वत्सलधारणी पुण्यात्मा तू
सब कुछ कर दिया न्योछावर
तुझसा दूजा ना कोई जगत मे
 _तने हर फर्ज पूरा किया
माँ का आंचल माँ की छाया
आनंदमयी किलकारी है
सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
मां खुशियों की फुलवारी हैं
 🙏🙏💐💐💐💐💐

जब जन्म हुआ मेरा
तूने खाना पीना छोड़ दिया
सीने से लगायी हरदम मुझे
जहान से मुंह मोड़ लिया
 गोदी में सुलाकर,गले से लगाकर
 किया मस्तक आलिंगन
मेरी खुशियों की खातिर
माँ हर दुख से रिश्ता जोड़ लिया
सांसे जो चल रही मेरी
मां वो तेरे ही समझदारी है
सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
मां खुशियों के फुलवारी है

🙏🙏💐💐💐💐💐
जब छाजन में पानी,
आंखें नमी हरपल तड़पती
मां मुझे कलेजे से लगाए
सिकुड़ती और सिसकती
मुझ पर आँच ना आने दी
काम करती कभी न थकती
मेरी सुख-दुख की हर सांस
तेरे सीने में धड़कती
खुशनसीब सारे जहानसे मैं
स्नेहील हाथ जो तुम्हारी है
 सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
मां खुशियों के फुलवारी है
🙏🙏💐💐💐💐💐

मेरा  चांद सा चेहरा देख
तू सारे गम भूल जाती 
हर दिन चंदामामा परियों की
कहानी लोरी सुनाती
वेदना सहकर गीले में सोती
मुझे सूखे में सुलाती
मध्य रात्रि जब मैं रोता
 तूभीरोती जगती बेचैन होती
बिल्कुल रब की ही जैसी
मां तेरी क्षमता भारी है
सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
माँ खुशियों की फुलवारी हैं

🙏🙏💐💐💐💐💐 
अपने जख्म पैरों में
नन्हे कदम रखचलना सिखाती
मुझे निहारती मुझे संवारती_
 तोतली जुबान सबकुछ समझजाती
 कभी छड़ी से डांट लगाती
जिंदगी जीने के दांव सिखाती
अच्छे बुरे का फर्क बताती
त्याग की मूर्ति हर कर्तव्य निभाती
सबके लिए दुआ मांगती
कितनी सीधी भोली भाली है
सभी प्राणियों से सर्वश्रेष्ठ
माँ खुशियों की फुलवारी है
🙏🙏💐💐💐💐💐

मेरा अस्तित्व तूने बनाई_
पढ़ना लिखना चलना सिखायी
दुनिया में अब मैं जी सकूं
मुझे इस काबिल बनाई
चाहती थी कुछ सीख जाऊं
गम की आहट जीवन की कड़वाहट
 तुम्हीं से सीखा रिश्तो की
 खूबसूरती और गहराई
 सृष्टि की कल्पना अधूरी
माँ ही जगत ,माँ ही धुरी है
 सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ
मां खुशियों की फुलवारी है।

💐💐🙏🙏🙏💐💐
          *रचनाकार* 
_*दुष्यंत कुमार वर्मा 'सजल'*
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