श्रद्धा की तस्वीर- बेटियां
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✍ दुष्यंत कुमार वर्मा 'सजल '
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✍दुष्यंत कुमार वर्मा 'सजल'
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घर आंगन के फुलवारी होती है बेटी
परिवार में गुणकारी होती है बेटी
💐 ना दिल में कोई गुमान ,
💐ना करती यह अपमान
💐नन्ही सी मेरी जान,
💐हर गम से अनजान,
💐एक प्यारी सी मुस्कान
💐 घर आंगन की पहचान
💐सौभाग्यवती लक्ष्मी रुप है
💐यह ईश्वरीय वरदान
लाडली बोझ नहीं अनमोलमोतीहै बेटी
घर आंगन की फुलवारी होती हैबेटी
💐मन की कोमल
💐तितलियों से चंचल है
💐फूल सी नाजुक
💐चंदा सी शीतल है
💐घर की गुड़िया
💐पिता की दुनिया है
💐मां की सहेली
💐भाई की मुनिया है
हर सुख की अधिकारी होती है बेटी
घर आंगन की फुलवारी होती है बेटी
💐घर की रौनक
💐घर की आहट
💐चिड़िया की चहचहाहट
💐होठों पर मुस्कुराहट
💐बेटी की सूरत
💐भगवान की मूरत
💐संसार की जन्नत
💐 देवों की मन्नत
देवताओं की परछाई होती है बेटी
घर आंगन की फुलवारी होतीहैबेटी
💐कभी नहीं मुरझाती
💐हर उलझन सुलझाती
💐घर को स्वर्ग है बनाती
💐हर फर्ज है निभाती
💐जीवन की हर गम उठाती
💐घर आंगन खुशियों से सजाती
💐एक मीठी मुस्कान से
💐सदा हंसती खिलखिलाती
कितनी सौम्यसरल न्यारी होती हैबेटी
घर आंगन के फुलवारी होती हैबेटी
💐घर रहता सदा आबाद
💐यह ईश्वरीय आशीर्वादहै
💐 स्वरों में सुरीली साज
💐 यह धरती की सरताज है
💐यह अनकही एहसास
💐दिल के बेहद पास है
💐हर घर की जन्नत
💐बेटी परिवारों की लाज है
धरा में पूरब की लाली होतीहै बेटी
घर आंगन की फुलवारी होती हैबेटी
💐हर मर्ज की दवा तुम
💐शीतल ठंडी हवा हो
💐पिता की साया तुम
💐पति की छाया हो
💐मां की ममता तुम
💐मां सी क्षमता हो,
💐भाई सी तन्मयता तुम
💐सहेलियों में समता हो
*घर की राज दुलारी होती है बेटी
*घरआंगन के फुलवारी होती है बेटी
✍ *दुष्यंत कुमार वर्मा* ✍
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