शिक्षक के कार्य एवं दायित्व
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🌷 * शिक्षक कार्य * 🌷
* छात्र का विश्वास भरा हुआ *
* विद्या से जुड़ा रिश्ता है। *
* अनगढ़ को भी सुघड़ बना दें *
* शिक्षक वह फरिश्ता है। *
* अपने बच्चों की समस्याओं को *
* शालीनता से निपटाते हैं। *
* शासन के हर काम करते हैं *
* और तल्लीनता से पढ़ाते हैं। *
* रातों को करते तैयारी *
* कल क्या पढ़ाना है बच्चों को। *
* सरल से सरल विधि ढूंढते
* कैसे समझाना उन बच्चों को *
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* अपने बच्चे को ख्यालों में रखकर *
* माँ-बाप की भूमिका निभाते हैं *
* शिक्षक भी मनोवैज्ञानिक है *
* बच्चों के सपने सजाते हैं। *
सप्ताहिकसेडुल मध्यानभोजन
सैकड़ों रजिस्टर बनाते हैं।
जनगणना हो या मतगणना
घर घर योजना चलाते हैं।
खाता बैंक साइकिल गोवंश
कभी डाकिया भी बन जाते हैं
आधार हो या एसेमसी
सरकारी अभियान चलाते हैं।
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सटीक आंकड़ा सरकारी काम
पूरे साल भर बनाते हैं।
चारका काम अकेला है
पर समयनिकाल पढ़ाते हैं।
* बिना सरकारी सहयोग के *
*क्वॉरेंटाइन ड्यूटी निभाते हैं*
*धैर्य साहस मनोयोग से*
*जागृत समाज बनाते हैं।*
*पड़ोसी भी गुरु के पास*
*विश्वास करके आते हैं।*
*बैंक राशन आवेदन बनवाते*
*दर्जनों काम निपटाते है।*
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*भविष्य संवारते कितनों के*
*कई बच्चे गोद लेते हैं।*
*प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से*
*गुरु लाखों के चहेते हैं।*
*शिक्षक कभी छाया*
*तो कभी धूप होते हैं।*
*लोग कहते हैं सच में गुरु*
*भगवान का रूप होते हैं।*
*वेदना समझते बच्चों की*
*दिल के करीब ही मानते हैं*
*अंतःकरण निरीक्षण करते*
*सिखाने की विधि जानते हैं*
✍🙏दुष्यंत कुमार वर्मा 🙏✍










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